LIVE UPDATE
झमाझम खबरेंदेशप्रदेशराजनीतीरायपुर

दिन-रात गश्त का नतीजा या रकम का खेल…? – बेलगहना में पकड़ी गई सागौन की अवैध खेप, सवालों के घेरे में वन विभाग जिला ब्यूरो चीफ जीशान अंसारी की रिपोर्ट

दिन-रात गश्त का नतीजा या रकम का खेल…? – बेलगहना में पकड़ी गई सागौन की अवैध खेप, सवालों के घेरे में वन विभाग

जिला ब्यूरो चीफ जीशान अंसारी की रिपोर्ट

ये खबर भी पढ़ें…
20 लाख की सड़क 2 महीने में ढही! भ्रष्टाचार की परतें उधड़ीं, जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब ?
20 लाख की सड़क 2 महीने में ढही! भ्रष्टाचार की परतें उधड़ीं, जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब ?
April 23, 2026
20 लाख की सड़क 2 महीने में ढही! भ्रष्टाचार की परतें उधड़ीं, जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब? ग्रामीणों का फूटा गुस्सा—“जांच...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

बेलगहना (जिला_ गौरेला-पेंड्रा-मरवाही)।वन परिक्षेत्र बेलगहना की टीम ने बीती रात अवैध सागौन परिवहन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए सागौन की लकड़ियों से भरी पिकअप (क्रमांक CG10C 9143) जब्त कर ली। गश्ती दल के पीछा करने पर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। वाहन अनियंत्रित होकर खेत में पलट गया और उसमें लोड लकड़ियाँ खेत में बिखर गईं। वन विभाग की टीम ने मौके पर लकड़ियों को जप्त कर ट्रैक्टर से सेल डिपो कोटा भिजवाया और विधि अनुसार कार्रवाई की।

सूचना के अनुसार, वन परिक्षेत्र अधिकारी देव सिंह मरावी को मुखबिर से खबर मिली थी कि कुरदर से कोटा की ओर सागौन से भरी पिकअप जा रही है। खबर मिलते ही परिक्षेत्र सहायक शिवकुमार पैकरा, वनकर्मी पंकज साहू और संत कुमार वाकरे की टीम सक्रिय हुई और गश्ती दल ने पीछा कर वाहन को पकड़ लिया

ये खबर भी पढ़ें…
जीगौरेला पेंड्रा मरवाही_में शिक्षा व्यवस्था का बुरा हाल- न तो स्कूलों में शिक्षक, न छात्रावासों में जिम्मेदारी—फिर भी वेतन हो रहे जारी
जीगौरेला पेंड्रा मरवाही_में शिक्षा व्यवस्था का बुरा हाल- न तो स्कूलों में शिक्षक, न छात्रावासों में जिम्मेदारी—फिर भी वेतन हो रहे जारी
April 24, 2026
जिले में शिक्षा व्यवस्था का बुरा हाल- न तो स्कूलों में शिक्षक, न छात्रावासों में जिम्मेदारी—फिर भी वेतन हो रहे...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

रेंजर की भूमिका पर उठे सवाल

हालांकि इस कार्रवाई को वन विभाग अपनी सफलता बता रहा है, लेकिन अब रेंजर की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। सूत्रों का दावा है कि क्षेत्र में लंबे समय से लकड़ी की तस्करी जारी थी, लेकिन विभाग ने आंखें मूंद रखी थीं।सवाल यह उठ रहा है कि इतने दिनों से चल रही तस्करी पर कार्रवाई अब जाकर क्यों हुई?

ये खबर भी पढ़ें…
नोटिस का झुनझुना या भ्रष्टाचार का नया फंडा.? केंदा स्कूल कांड में DEO विजय टांडे की संदिग्ध खामोशी और ‘मंत्रालय’ के नाम पर दोषियों को बचा रहे.?
नोटिस का झुनझुना या भ्रष्टाचार का नया फंडा.? केंदा स्कूल कांड में DEO विजय टांडे की संदिग्ध खामोशी और ‘मंत्रालय’ के नाम पर दोषियों को बचा रहे.?
April 24, 2026
जीशान अंसारी की रिपोर्ट, बिलासपुर/कोटा : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में शिक्षा विभाग ने शायद 'टाइम मशीन' का अविष्कार कर ली...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

 क्या गश्ती और निगरानी सिर्फ कागजों तक सीमित थी?

सुत्रों की मानें तो यह कार्रवाई तब हुई जब कथित “मोटी रकम” समय पर ऊपर तक नहीं पहुँची। चर्चाएँ तेज हैं कि यदि रकम सही समय पर पहुँच जाती तो शायद यह कार्रवाई होती ही नहीं और पिकअप सहित लकड़ी सुरक्षित निकल जाती।

जनता का सवाल

 क्या बेलगहना वन परिक्षेत्र में वाकई तस्करी रोकने की नीयत है या केवल “रकम का खेल”?कब तक वन संपदा यूं ही लुटती रहेगी और कार्रवाई महज दिखावा बनकर रह जाएगी…? कुल मिलाकर, बेलगहना वन विभाग की यह कार्रवाई भले ही एक बड़ी सफलता कही जा रही हो, लेकिन इसके पीछे की मंशा और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जनता अब यह जानना चाहती है कि क्या यह कार्रवाई वन संपदा बचाने के लिए थी या फिर कमीशन का खेल बिगड़ने का नतीजा?

Back to top button
error: Content is protected !!